विशेषज्ञ
दिनाकर पेरी
फ़ेलो, सिक्योरिटी स्टडीज़ प्रोग्राम
के बारे में
दिनाकर पेरी कार्नेगी इंडिया में सिक्योरिटी स्टडीज़ प्रोग्राम के एक फेलो हैं। कार्नेगी में शामिल होने से पहले, उन्होंने द हिंदू में करीब ग्यारह साल पत्रकार के तौर पर काम किया, जहां उन्होंने रक्षा और सामरिक मामलों को कवर किया। वो यूके विदेश कार्यालय के शेवनिंग साउथ एशिया जर्नलिज़्म प्रोग्राम और अमेरिकी विदेश विभाग के इंटरनेशनल विज़िटिंग लीडरशिप प्रोग्राम के पूर्व छात्र हैं। पत्रकारिता करने से पहले, वो भारतीय सेना के एक ऑटोनोमस थिंक टैंक, सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज़ में एसोसिएट फ़ेलो थे और उन्होंने सेना के तीनों अंगों के थिंक टैंक, सेंटर फॉर ज्वॉइंट वारफेयर स्टडीज़ के साथ विशेष परियोजनाओं पर काम किया।
दिनाकर के पास दो मास्टर डिग्रियां हैं— बायोटेक्नोलॉजी में एमएससी और बिज़नेस सस्टेनेबिलिटी में एमबीए। इन दोनों डिग्रियों की पढ़ाई के बीच, वो चार साल तक बायोलॉजी रिसर्चर रहे और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद में और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई में जूनियर रिसर्च फ़ेलो के तौर पर काम किया। लंबे समय से पॉलिसी रिसर्च में अपनी दिलचस्पी और जुनून की वजह से वो बायोलॉजी छोड़कर इस फ़ील्ड में आए। वो नियमित रूप से मीडिया में दिखाई देते हैं और रक्षा एवं सामरिक मामलों के एक्सपर्ट के तौर पर अपनी राय रखते हैं।
संबद्धता
शिक्षा
MSc in Biotechnology; MBA in Business Sustainability